31 मार्च 2026 का पंचांग एवं राशिफल: शुभ मुहूर्त, तिथि और दैनिक भविष्यफल तिथि: 31 मार्च 2026 दिन: मंगलवार विक्रम संवत: 2083 माह: चैत्र (अमांत एवं पूर्णिमांत) आज शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी एवं चतुर्दशी तिथि है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार मार्च का अंतिम दिन है। आइए जानते हैं आज के शुभ-अशुभ समय, ग्रहों की स्थिति और सभी राशियों का विस्तृत राशिफल। 31 मार्च 2026 का पंचांग नोट: समय भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार दिए गए हैं। विवरण समय / विशेष सूर्योदय प्रातः 06:09 बजे सूर्यास्त सायं 06:16 बजे चन्द्रोदय सायं 04:59 बजे चन्द्रास्त 05:21 बजे (01 अप्रैल) तिथि शुक्ल पक्ष त्रयोदशी (सुबह 06:56 तक), तत्पश्चात् शुक्ल पक्ष चतुर्दशी नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (दोपहर 03:20 तक), तत्पश्चात् उत्तरा फाल्गुनी योग गण्ड (दोपहर 03:41 तक), तत्पश्चात् वृद्धि करण गरिज (सायं 06:58 तक), तत्पश्चात् वणिज पक्ष शुक्ल (वर्धमान चन्द्र) ऋतु वसन्त आज के शुभ एवं अशुभ समय (मुहूर्त) शुभ मुहूर्त (अनुकूल समय) अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:48 से दोपहर 12:37 तक अमृत काल: सुबह 08:46 से 10:25 तक ब्रह्म मु...
ॐ भूर्भुवः स्वः' गायत्री मंत्र का एक भाग है. इसका अर्थ है- 'हमारे मन को जगाने की अपील करते हुए हम माता से प्रार्थना करते हैं कि वह हमें शुभ कार्यों की ओर प्रेरित करे'.
ॐ भूर्भुवः स्वः' गायत्री मंत्र का एक भाग है. इसका अर्थ है- ' हमारे मन को जगाने की अपील करते हुए हम माता से प्रार्थना करते हैं कि वह हमें शुभ कार्यों की ओर प्रेरित करे '. 'ॐ भूर्भुवः स्वः' के शब्दों के अर्थ: ॐ - आदि ध्वनि, भूर् - भौतिक शरीर या भौतिक क्षेत्र, भुव - जीवन शक्ति या मानसिक क्षेत्र, स्व - जीवात्मा. गायत्री मंत्र के अन्य शब्दों के अर्थ: तत् - वह (ईश्वर) सवितुर - सूर्य, सृष्टिकर्ता (सभी जीवन का स्रोत) वरेण्यं - आराधना भर्गो - तेज (दिव्य प्रकाश) देवस्य - सर्वोच्च भगवान धीमहि - ध्यान धियो - बुद्धि को यो - जो नः - हमारी प्रचोदयात् - शुभ कार्यों में प्रेरित करें गायत्री मंत्र के नियमित जाप से मन शांत और एकाग्र रहता है. मान्यता है कि इस मंत्र का लगातार जपा जाए, तो इससे मस्तिष्क का तंत्र बदल जाता है.