सावन के महीने में सोमवार का महत्व क्यों बढ़ जाता है? जानिए धार्मिक, पौराणिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक कारण प्रस्तावना हिंदू धर्म में सावन (श्रावण) का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप, शिव चालीसा का पाठ और सोमवार का व्रत विशेष महत्व रखता है। लेकिन एक प्रश्न अक्सर लोगों के मन में आता है कि आखिर सावन के महीने में सोमवार का महत्व इतना अधिक क्यों होता है? क्या इसका कारण केवल धार्मिक आस्था है, या इसके पीछे कोई पौराणिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक आधार भी मौजूद है? इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि सावन सोमवार क्यों विशेष माने जाते हैं, इनके पीछे कौन-कौन सी मान्यताएँ हैं, व्रत रखने के क्या लाभ बताए गए हैं और पूजा किस प्रकार करनी चाहिए। --- सोमवार और भगवान शिव का संबंध सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता को समर्पित माना गया है। - रविवार – सूर्य देव - सोमवार – भगवान शिव - मंगलवार – हनुमान जी एवं मंगल देव - बुधवार – भगवान गणेश - गुरुवार – भगवान विष्णु और बृहस्पति - शुक्रवार ...
यमराज से जुड़ी 5 सच्ची घटनाएँ 😱 | मौत के बाद क्या होता है? क्या आपने कभी सोचा है कि मृत्यु के बाद क्या होता है? क्या सच में यमराज आत्मा को लेने आते हैं? गरुड़ पुराण और धार्मिक ग्रंथों में ऐसे कई रहस्य बताए गए हैं, जिन्हें जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। 🔱 यमराज कौन हैं? यमराज को मृत्यु का देवता माना जाता है। वे हर जीव के कर्मों का हिसाब रखते हैं और मृत्यु के बाद आत्मा को यमलोक ले जाकर न्याय करते हैं। उनके साथ चित्रगुप्त होते हैं जो हर इंसान के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं। ⚖️ मृत्यु के बाद क्या होता है? गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा शरीर छोड़ देती है और यमदूत उसे यमलोक लेकर जाते हैं। वहाँ उसके अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब होता है। उसी के आधार पर उसे स्वर्ग या नरक मिलता है। 👉 कहा जाता है कि मृत्यु के बाद 13 दिनों तक आत्मा अपने घर के आसपास ही रहती है। 😨 यमराज से जुड़ी 5 सच्ची घटनाएँ 1. मृत्यु के बाद वापस लौटे व्यक्ति की कहानी कई लोगों ने दावा किया है कि वे मृत्यु के करीब जाकर वापस लौटे और उन्होंने यमलोक औ...