प्रस्तावना: जगत के नाथ श्री जगन्नाथ श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी, सनातन धर्म के चार प्रमुख धामों में से एक । यह ओडिशा राज्य के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित है। जगन्नाथ शब्द का अर्थ 'जगत के स्वामी' है । यह मंदिर भगवान विष्णु के स्वरूप जगन्नाथ को समर्पित है, जिन्हें स्वयं भगवान श्रीकृष्ण का ही एक रूप माना जाता है । अपनी स्थापना के समय से ही यह मंदिर आस्था, भक्ति और रहस्यों का केंद्र रहा है। इस अद्भुत दिव्य धाम में प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। यह मंदिर न केवल अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इससे जुड़े अनगिनत चमत्कार और रहस्य इसे और भी अद्वितीय बनाते हैं। 🕉️ पौराणिक कथा: मूर्तियों के अधूरे होने का रहस्य मंदिर की मूर्तियों के अधूरे होने के पीछे एक बहुत ही रोचक पौराणिक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि राजा इंद्रद्युम्न को एक रात्रि में स्वप्न आया कि समुद्र के तट पर एक दिव्य दारु ब्रह्म (विशेष लकड़ी) जो आकर गिरेगी, उससे भगवान की मूर्ति बनाई जाए। राजा को भगवान विष्णु ने आदेश दिया कि 'दारु ब्रह्म' को खोजकर उससे अपने प्रिय स्वामी की मूर्ति का निर्माण ...
31 मार्च 2026 का पंचांग एवं राशिफल: शुभ मुहूर्त, तिथि और दैनिक भविष्यफल तिथि: 31 मार्च 2026 दिन: मंगलवार विक्रम संवत: 2083 माह: चैत्र (अमांत एवं पूर्णिमांत) आज शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी एवं चतुर्दशी तिथि है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार मार्च का अंतिम दिन है। आइए जानते हैं आज के शुभ-अशुभ समय, ग्रहों की स्थिति और सभी राशियों का विस्तृत राशिफल। 31 मार्च 2026 का पंचांग नोट: समय भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार दिए गए हैं। विवरण समय / विशेष सूर्योदय प्रातः 06:09 बजे सूर्यास्त सायं 06:16 बजे चन्द्रोदय सायं 04:59 बजे चन्द्रास्त 05:21 बजे (01 अप्रैल) तिथि शुक्ल पक्ष त्रयोदशी (सुबह 06:56 तक), तत्पश्चात् शुक्ल पक्ष चतुर्दशी नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (दोपहर 03:20 तक), तत्पश्चात् उत्तरा फाल्गुनी योग गण्ड (दोपहर 03:41 तक), तत्पश्चात् वृद्धि करण गरिज (सायं 06:58 तक), तत्पश्चात् वणिज पक्ष शुक्ल (वर्धमान चन्द्र) ऋतु वसन्त आज के शुभ एवं अशुभ समय (मुहूर्त) शुभ मुहूर्त (अनुकूल समय) अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:48 से दोपहर 12:37 तक अमृत काल: सुबह 08:46 से 10:25 तक ब्रह्म मु...