पांचवां नवरात्रि: माँ स्कंदमाता की आराधना और महत्व 🌸 नवरात्रि का पाँचवाँ दिन 🌸 माँ स्कंदमाता : ज्ञान, मातृत्व एवं सिद्धियों की अधिष्ठात्री 🪔 पंचमी – स्कंदमाता पूजन 🪔 🌟 पाँचवें नवरात्रि का महत्व शारदीय नवरात्रि का पाँचवाँ दिन माँ दुर्गा के पाँचवें स्वरूप माँ स्कंदमाता को समर्पित है। ‘स्कंद’ का अर्थ है कार्तिकेय, भगवान शिव के पुत्र, और ‘माता’ अर्थात माँ। वे भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं, इसलिए इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। इस दिन साधक की बुद्धि परमात्मा में स्थिर होती है और माँ की कृपा से ज्ञान, वैराग्य एवं सिद्धियों की प्राप्ति होती है। स्कंदमाता का स्वरूप अत्यंत सौम्य एवं करुणामय है। वे चार भुजाओं वाली, सिंहासन पर विराजमान, गोद में बालक स्कंद को लिए हुए हैं। इनकी दो भुजाएँ कमल धारण करती हैं, एक वरद मुद्रा में और दूसरी अभय मुद्रा में। यह मातृत्व का परम प्रेम और शक्ति का अद्भुत संगम है। 🌼 माँ स्कंदमाता : सिंहासनस्था, कमल पुष्पधारिणी, बालक कार्त...
24 मार्च 2025: पंचांग, मंगलवार राशिफल एवं विस्तृत भविष्यवाणी 📅 24 मार्च 2025 का पंचांग व राशिफल चैत्र कृष्ण नवमी, विक्रम संवत् 2082 🔴 मंगलवार (मंगलवासर) 🔴 🌞 सूर्योदय : 06:21 | सूर्यास्त : 18:36 (दिल्ली समय) विहित पंचांग तिथि: कृष्ण नवमी (दोपहर 03:47 तक) तदनंतर दशमी नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा (रात्रि 09:22 तक) फिर श्रवण योग: शोभन (12:34 तक) तत्पश्चात अतिगंड करण: गर / वणिज (रात्रि 07:45 बाद) चन्द्र राशि: धनु (सायं 11:20 तक) फिर मकर ऋतु: वसन्त शुभ मुहूर्त (मंगलवार) ब्रह्म मुहूर्त: 05:03 – 05:51 अभिजित मुहूर्त: 12:16 – 13:04 विजय मुहूर्त: 14:27 – 15:15 गोधूलि मुहूर्त: 18:20 – 18:44 अशुभ समय (मंगलवार) राहु काल: 15:00 – 16:30 यमगंड: 09:00 – 10:30 गुलिक...