23 मार्च 2026 का विधिवत पंचांग एवं विस्तृत राशिफल: मेष संक्रांति का विशेष प्रभाव
22 मार्च 2026 का पंचांग और राशिफल: रविवार, चतुर्थी तिथि और मां कूष्मांडा पूजा का विशेष दिन मुख्य बातें (मिनट-रेडी समरी): तिथि: चैत्र शुक्ल चतुर्थी (रात 09:17 तक), उसके बाद पंचमी। नक्षत्र: भरणी (रात 10:42 तक), उसके बाद कृत्तिका। योग: वैधृति (दोपहर 03:40 तक) – नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ। राहुकाल: शाम 05:04 से 06:35 बजे तक (किसी भी शुभ कार्य से बचें)। विशेष: नवरात्रि का चौथा दिन, मां कूष्मांडा की पूजा और विनायक गणेश चतुर्थी व्रत . 🌄 पंचांग: दिन का ज्योतिषीय विवरण 22 मार्च 2026 को रविवार है, जिसका स्वामी सूर्यदेव हैं। हिंदू धर्म में रविवार का दिन ऊर्जा, नेतृत्व और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। आज चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन है, जो मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा को समर्पित है। मान्यता है कि मां कूष्मांडा ने अपने मंद हास्य से ब्रह्मांड की रचना की थी, इसलिए आज का दिन सृष्टि और ऊर्जा के स्रोत से जुड़ने का दिन है . 1. तिथि, नक्षत्र और योग का महत्व आज का पंचांग कई महत्वपूर्ण...