सावन के महीने में सोमवार का महत्व क्यों बढ़ जाता है? जानिए धार्मिक, पौराणिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक कारण प्रस्तावना हिंदू धर्म में सावन (श्रावण) का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप, शिव चालीसा का पाठ और सोमवार का व्रत विशेष महत्व रखता है। लेकिन एक प्रश्न अक्सर लोगों के मन में आता है कि आखिर सावन के महीने में सोमवार का महत्व इतना अधिक क्यों होता है? क्या इसका कारण केवल धार्मिक आस्था है, या इसके पीछे कोई पौराणिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक आधार भी मौजूद है? इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि सावन सोमवार क्यों विशेष माने जाते हैं, इनके पीछे कौन-कौन सी मान्यताएँ हैं, व्रत रखने के क्या लाभ बताए गए हैं और पूजा किस प्रकार करनी चाहिए। --- सोमवार और भगवान शिव का संबंध सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता को समर्पित माना गया है। - रविवार – सूर्य देव - सोमवार – भगवान शिव - मंगलवार – हनुमान जी एवं मंगल देव - बुधवार – भगवान गणेश - गुरुवार – भगवान विष्णु और बृहस्पति - शुक्रवार ...
🌟 3 अप्रैल 2026 का संपूर्ण राशिफल एवं पंचांग | Friday Horoscope & Panchang तिथि: शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 विक्रम संवत: २०८२ शक संवत: १९४७ ऋतु: वसंत अयन: उत्तरायण 📅 पंचांग – दिन का शुभाशुभ विवरण संक्षिप्त दृश्य: आज का दिन मेष राशि में सूर्य के साथ प्रारंभ होता है, जो नई शुरुआत के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। चंद्रमा कर्क राशि में संवेदनशीलता और अंतर्ज्ञान को बढ़ाता है। दिन का मुख्य आकर्षण मीन राशि में बुध और कर्क राशि में बृहस्पति के बीच सामंजस्यपूर्ण त्रिकोण (ट्राइन) है, जो संचार, शिक्षा और यात्रा के क्षेत्रों में सफलता का संकेत देता है। 📍 पंचांग सारांश तिथि: फाल्गुन, कृष्ण पक्ष, द्वादशी (प्रातः 08:47 तक, तत्पश्चात त्रयोदशी) नक्षत्र: श्रवण (दोपहर 01:56 तक, तत्पश्चात धनिष्ठा) करण: तैतुल (प्रातः 08:47 तक), तत्पश्चात गर योग: शुभ (प्रातः 08:29 तक), तत्पश्चात शुक्ल वार: शुक्रवार (भृगुवार) सूर्योदय: प्रातः 06:12 (भारतीय मानक समयानुसार) सूर्यास्त: सायं 06:37 (भारतीय मानक समयानुसार) चंद्रो...