🌟 3 अप्रैल 2026 का संपूर्ण राशिफल एवं पंचांग | Friday Horoscope & Panchang तिथि: शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 विक्रम संवत: २०८२ शक संवत: १९४७ ऋतु: वसंत अयन: उत्तरायण 📅 पंचांग – दिन का शुभाशुभ विवरण संक्षिप्त दृश्य: आज का दिन मेष राशि में सूर्य के साथ प्रारंभ होता है, जो नई शुरुआत के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। चंद्रमा कर्क राशि में संवेदनशीलता और अंतर्ज्ञान को बढ़ाता है। दिन का मुख्य आकर्षण मीन राशि में बुध और कर्क राशि में बृहस्पति के बीच सामंजस्यपूर्ण त्रिकोण (ट्राइन) है, जो संचार, शिक्षा और यात्रा के क्षेत्रों में सफलता का संकेत देता है। 📍 पंचांग सारांश तिथि: फाल्गुन, कृष्ण पक्ष, द्वादशी (प्रातः 08:47 तक, तत्पश्चात त्रयोदशी) नक्षत्र: श्रवण (दोपहर 01:56 तक, तत्पश्चात धनिष्ठा) करण: तैतुल (प्रातः 08:47 तक), तत्पश्चात गर योग: शुभ (प्रातः 08:29 तक), तत्पश्चात शुक्ल वार: शुक्रवार (भृगुवार) सूर्योदय: प्रातः 06:12 (भारतीय मानक समयानुसार) सूर्यास्त: सायं 06:37 (भारतीय मानक समयानुसार) चंद्रो...
भारत में जो वेद और ग्रन्थ है। वो कोई आम नहीं है।
वेदो और ग्रंथो में ही हर एक परेशानी और मुस्किलो कल हल है।
ये हमारी जिंदगी में एक अमूल्य किरीदार निभाते है।
जो वेदो और ग्रन्थ को समझ कर उसमे लिखी हुई बातो पर अम्ल करता है। वह कभी किसी संकट नहीं फसता।
परन्तु आज कल लोग अपने वेद ग्रन्थो पड़ना तो दूर देखते भी नहीं विज्ञानं की तरफ उनका आकर्सण है।
नई पीढ़ी को वेद ग्रंथो के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है न ही कोई उनसे वेद ग्रन्थ को समझाता। जो विज्ञान से परे है वो ग्रंथो में मिलता है।
Comments
Post a Comment