निष्काम भाव से रोजाना पढ़ने वाले यह पाठ करें, दुर्गा कवच, मंगला स्तोत्र, अर्गला स्तोत्र, कीलक स्तोत्र, काली, चण्डी, लक्ष्मी, संतोषी मां रुक्षेत्र, नम्र प्रार्थना, नवदुर्गा स्तोत्र तथा आरती। हर प्रकार की चिन्ता हटाने के लिए प्रथम अध्याय । हर प्रकार के झगड़े जीतने के लिए दूसरा अध्याय । शत्रु से छुटकारा पाने के लिए तीसरा, भक्ति-शक्ति या भगवती के दर्शन पाने के लिए चौथा व पांचवा अध्याय । डर हम प्रेत छाया आदि हटाने के लिए छटा अध्याय हर कामना पूरी करने के लिए सातवां अध्याय । मिलाप वशीकरण के लिए आठवां गुमशुदा की तलाश, हर प्रकार की कामना पुत्रादि प्राप्त करने के लिए नवम् तथा दसवां अध्याय। व्यापार, सुख सम्पति के लिए ग्यारहवां। भक्ति प्राप्त करने के लिए बाहरवां अध्याय। मान तथा लाभ के लिए तेहरवां अध्याय । सफर जाने से पहले दुर्गा कवच श्रद्धा और शुद्ध भावना से पढ़े। धन दौलत कारोबार के लिए चण्डी स्तोत्र कलह कलेश चिन्ता से बचने के लिए महाकाली लक्ष्मी नव दुर्गा स्तोत्र पढ़िए यदि सारा पाठ न कर सके तो दुर्गा अष्टनाम और नव दुर्गा स्तोत्र पढ़ें। पाठ के समय गंगा जल या कुएं का जल साथ रखें शुद्ध आसन बिछा कर बैठे, घी की जोत या सुगन्धित धूप जलाएं, पाठ के बाद चरणामृत पी लें और अपने मस्तक आंखे और अंगो को स्पर्श करें। मंगलवार को कन्या पूजन करें कन्या सात वर्ष की आयु से कम होनी चाहिए।
Indian Granth In The Magic For Success..
Nice
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