सावन के महीने में सोमवार का महत्व क्यों बढ़ जाता है? जानिए धार्मिक, पौराणिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक कारण प्रस्तावना हिंदू धर्म में सावन (श्रावण) का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप, शिव चालीसा का पाठ और सोमवार का व्रत विशेष महत्व रखता है। लेकिन एक प्रश्न अक्सर लोगों के मन में आता है कि आखिर सावन के महीने में सोमवार का महत्व इतना अधिक क्यों होता है? क्या इसका कारण केवल धार्मिक आस्था है, या इसके पीछे कोई पौराणिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक आधार भी मौजूद है? इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि सावन सोमवार क्यों विशेष माने जाते हैं, इनके पीछे कौन-कौन सी मान्यताएँ हैं, व्रत रखने के क्या लाभ बताए गए हैं और पूजा किस प्रकार करनी चाहिए। --- सोमवार और भगवान शिव का संबंध सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता को समर्पित माना गया है। - रविवार – सूर्य देव - सोमवार – भगवान शिव - मंगलवार – हनुमान जी एवं मंगल देव - बुधवार – भगवान गणेश - गुरुवार – भगवान विष्णु और बृहस्पति - शुक्रवार ...
भारत में जो वेद और ग्रन्थ है। वो कोई आम नहीं है।
वेदो और ग्रंथो में ही हर एक परेशानी और मुस्किलो कल हल है।
ये हमारी जिंदगी में एक अमूल्य किरीदार निभाते है।
जो वेदो और ग्रन्थ को समझ कर उसमे लिखी हुई बातो पर अम्ल करता है। वह कभी किसी संकट नहीं फसता।
परन्तु आज कल लोग अपने वेद ग्रन्थो पड़ना तो दूर देखते भी नहीं विज्ञानं की तरफ उनका आकर्सण है।
नई पीढ़ी को वेद ग्रंथो के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है न ही कोई उनसे वेद ग्रन्थ को समझाता। जो विज्ञान से परे है वो ग्रंथो में मिलता है।
nice
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