20 मार्च 2026 का पंचांग और राशिफल: माँ ब्रह्मचारिणी की कृपा का दूसरा दिन
(संपूर्ण ज्योतिषीय मार्गदर्शन)
"ब्रह्मचारिणी ब्रह्ममयी, तप की शक्ति अपार। भक्तों के संकट हरती, करती भव से पार।।"
चैत्र
नवरात्रि का दूसरा दिन,
20 मार्च 2026, माँ दुर्गा के
दूसरे स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी को समर्पित है।
यह दिन न केवल
आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है,
बल्कि ज्योतिषीय रूप से भी
कई विशेष योगों का संगम बना
हुआ है। शुक्रवार का
यह दिन जहाँ एक
ओर नवरात्रि की साधना को
गहराई दे रहा है,
वहीं दूसरी ओर रेवती नक्षत्र
और ब्रह्म योग के शुभ
संयोग में सभी राशियों
के लिए विशेष फलदायी
सिद्ध हो रहा है .
प्रस्तुत
है 20 मार्च 2026 के लिए संपूर्ण
पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त,
चौघड़िया और सभी 12 राशियों
का विस्तृत राशिफल, जिसमें ग्रह-नक्षत्रों की
स्थिति के अनुसार आपके
दिन की हर संभावना
को रेखांकित किया गया है।
1. दिन
का विशेष महत्व: माँ ब्रह्मचारिणी की उपासना
20 मार्च
2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष की द्वितीया
तिथि है, जो नवरात्रि
का दूसरा दिन है . इस
दिन माँ दुर्गा के
दूसरे स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा का
विधान है। 'ब्रह्म' का
अर्थ है तपस्या और
'चारिणी' का अर्थ है
आचरण करने वाली। अर्थात,
ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ
है - तप का आचरण
करने वाली।
माँ
ब्रह्मचारिणी ने पार्वती के
रूप में भगवान शिव
को पति रूप में
पाने के लिए कठोर
तपस्या की थी। उनके
इस स्वरूप की उपासना से
साधक में तप, त्याग
और संयम की शक्ति
का संचार होता है। मान्यता
है कि इस दिन
व्रत रखने और माँ
की विधिवत पूजा करने से
साधक के सभी मनोरथ
पूर्ण होते हैं और
उसे मोक्ष की प्राप्ति होती
है .
द्वितीया
तिथि का ज्योतिषीय महत्व
द्वितीया
तिथि का स्वामी चंद्रमा होता है। चंद्रमा
मन का कारक है,
और इस दिन माँ
ब्रह्मचारिणी की पूजा से
मन की चंचलता समाप्त
होती है और एकाग्रता
बढ़ती है। इस दिन
चंद्रमा मीन राशि में
रहेगा, जो अपनी उच्च
राशि है, क्योंकि मीन
राशि के स्वामी गुरु
(बृहस्पति) हैं . चंद्रमा का उच्च राशि
में होना इस दिन
को और भी विशेष
बना देता है।
2. 20 मार्च
2026 का संपूर्ण पंचांग
पंचांग
पाँच अंगों से मिलकर बना
होता है - तिथि, वार,
नक्षत्र, योग और करण।
यहाँ 20 मार्च 2026, शुक्रवार के लिए संपूर्ण
पंचांग प्रस्तुत है:
|
पंचांग
अंग |
विवरण |
समयावधि/विशेष |
|
तिथि |
द्वितीया |
21 मार्च
प्रातः 02:31 तक |
|
वार |
शुक्रवार |
शुक्र
(Venus) का दिन |
|
नक्षत्र |
रेवती |
21 मार्च
प्रातः 02:27 तक |
|
योग |
ब्रह्मा |
रात्रि
10:14 तक |
|
प्रथम
करण |
बालव |
अपराह्न
03:42 तक |
|
द्वितीय
करण |
कौलव |
21 मार्च
प्रातः 02:31 तक |
|
पक्ष |
शुक्ल
पक्ष |
- |
|
ऋतु |
वसंत
ऋतु |
- |
|
अयन |
उत्तरायण |
- |
सूर्य,
चंद्र और ग्रहों की स्थिति
|
खगोलीय
स्थिति |
विवरण |
|
सूर्योदय |
प्रातः
06:21 - 06:34 (शहर के अनुसार भिन्न) |
|
सूर्यास्त |
सायं
06:21 - 06:34 |
|
चन्द्रोदय |
प्रातः
06:53 - 07:05 |
|
चन्द्रास्त |
सायं
19:48 - 20:03 |
|
सूर्य
राशि |
मीन
(Meena/Pisces) |
|
चन्द्र
राशि |
मीन
(Meena/Pisces) |
|
संवत्सर |
विक्रम
संवत 2083, शक संवत 1947 (विश्वावसु) |
|
मास |
चैत्र
(अमांत), फाल्गुन (पूर्णिमांत) |
विशेष
योग और संयोग
- ब्रह्म योग: 20 मार्च को रात्रि 10:14 तक ब्रह्म योग का शुभ संयोग है . ब्रह्म योग को अत्यंत शुभ माना जाता है। इस योग में किया गया कोई भी कार्य सफल होता है और साधना में विशेष फल प्राप्त होता है।
- रेवती नक्षत्र: दिन का अधिकांश समय रेवती नक्षत्र में रहेगा . रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध हैं और देवता पूषा (पोषण करने वाले देवता) हैं। यह नक्षत्र यात्रा, खरीदारी और नए कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
- शुक्रवार का विशेष प्रभाव: शुक्रवार का स्वामी शुक्र ग्रह है, जो सुख-समृद्धि, विलासिता और रिश्तों का कारक है। आज के दिन माँ लक्ष्मी की उपासना का विशेष महत्व है .
- चंद्रमा की उच्च राशि: चंद्रमा मीन राशि में है, जो उसकी उच्च राशि है। इससे मन को शांति, भावनात्मक संतुलन और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है .
3. शुभ
मुहूर्त और अशुभ काल
शुभ
मुहूर्त
(Auspicious Timings)
|
शुभ
मुहूर्त |
समय |
|
ब्रह्म
मुहूर्त |
प्रातः
04:50 - 05:38 |
|
अभिजीत
मुहूर्त |
दोपहर
11:57 - 12:45 |
|
प्रातः
संध्या |
प्रातः
05:14 - 06:25 |
|
गोधूलि
मुहूर्त |
सायं
06:30 - 06:54 |
|
सायं
संध्या |
सायं
06:32 - 07:43 |
|
अमृत
काल |
रात्रि
12:11 - 01:41 (21 मार्च) |
अशुभ
काल
(Inauspicious Timings)
|
अशुभ
काल |
समय |
|
राहुकाल |
प्रातः
10:51 - दोपहर
12:21 |
|
गुलिक
काल |
प्रातः
07:51 - 09:21 |
|
यमगण्ड |
अपराह्न
15:21 - 16:51 |
|
दुर्मुहूर्त |
प्रातः
08:53 - 09:41, दोपहर
12:53 - 13:41 |
|
वर्ज्य |
अपराह्न
15:15 - 16:44 |
विभिन्न
शहरों में राहुकाल का समय
राहुकाल
का समय स्थान के
अनुसार बदलता है। यहाँ प्रमुख
शहरों के लिए राहुकाल
के समय दिए गए
हैं :
शहर |
राहुकाल समय |
|
दिल्ली |
दोपहर
10:58 - 12:29 |
|
मुंबई |
दोपहर
11:16 - 12:46 |
|
चंडीगढ़ |
दोपहर
11:00 - 12:31 |
|
लखनऊ |
सुबह
10:43 - दोपहर 12:14 |
|
भोपाल |
सुबह
10:57 - दोपहर 12:28 |
|
कोलकाता |
सुबह
10:14 - 11:44 |
|
अहमदाबाद |
दोपहर
11:16 - 12:47 |
|
चेन्नई |
सुबह
10:46 - दोपहर 12:16 |
|
बेंगलुरु |
सुबह
10:51 - दोपहर 12:21
(लगभग) |
4. दिन
का चौघड़िया मुहूर्त (Choghadiya Muhurat)
चौघड़िया
का उपयोग दिन के शुभ-अशुभ समय को
जानने के लिए किया
जाता है। 20 मार्च 2026, शुक्रवार के लिए दिन
और रात का चौघड़िया
इस प्रकार है :
दिवस
चौघड़िया (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)
|
समय |
चौघड़िया |
फल |
|
06:21 - 07:51 |
चर |
शुभ
(यात्रा, व्यापार) |
|
07:51 - 09:20 |
लाभ |
अत्यंत
शुभ (लाभकारी कार्य) |
|
09:20 - 10:50 |
अमृत |
सर्वोत्तम
(मांगलिक कार्य) |
|
10:50 - 12:20 |
काल
(राहुकाल) |
अशुभ
(बचें) |
|
12:20 - 13:50 |
शुभ |
शुभ
(नए कार्य) |
|
13:50 - 15:20 |
रोग |
अशुभ
(स्वास्थ्य सावधानी) |
|
15:20 - 16:50 |
उद्वेग |
अशुभ
(तनाव की संभावना) |
|
16:50 - 18:21 |
चर |
शुभ |
रात्रि
चौघड़िया (सूर्यास्त से सूर्योदय तक)
|
समय |
चौघड़िया |
फल |
|
18:21 - 19:51 |
रोग |
अशुभ |
|
19:51 - 21:21 |
काल |
अशुभ |
|
21:21 - 22:51 |
लाभ |
शुभ
(रात्रि कार्य) |
|
22:51 - 00:21 |
उद्वेग |
अशुभ |
|
00:21 - 01:51 |
शुभ |
शुभ
(ध्यान-साधना) |
|
01:51 - 03:21 |
अमृत |
अत्यंत
शुभ (आध्यात्मिक साधना) |
|
03:21 - 04:51 |
चर |
शुभ |
|
04:51 - 06:21 |
रोग |
अशुभ |
महत्वपूर्ण
सुझाव: राहुकाल (10:50 - 12:20) के दौरान कोई
भी शुभ कार्य, व्यापारिक
सौदा या नई शुरुआत
न करें। अभिजीत मुहूर्त (11:57 - 12:45) का समय दोपहर
में है, लेकिन ध्यान
रखें कि यह राहुकाल
से ठीक बाद शुरू
हो रहा है, इसलिए
12:21 के बाद ही शुभ
कार्य करना अधिक उचित
रहेगा .
5. 20 मार्च
2026 का विस्तृत राशिफल
आज चंद्रमा मीन राशि में
विचरण कर रहा है,
जो गुरु की राशि
है। चंद्रमा का यह भ्रमण
रेवती नक्षत्र में हो रहा
है और ब्रह्म योग
का शुभ संयोग है .
यह स्थिति सभी राशियों के
लिए अलग-अलग फल
दे रही है। आइए
जानते हैं प्रत्येक राशि
के लिए आज के
दिन का विस्तृत फल:
♈ मेष राशि
(Aries)
दिनांक: 21
मार्च से 19 अप्रैल तक जन्मे जातक
आज का दिन आपके
लिए उत्साह और नई ऊर्जा
लेकर आ रहा है।
निजी जीवन में कुछ
कठोर निर्णय लेने पड़ सकते
हैं, लेकिन ये निर्णय दीर्घकालिक
रूप से लाभकारी सिद्ध
होंगे। परिवार में सुख-शांति
बनी रहेगी और धन लाभ
के योग हैं .
करियर: नौकरी में पदोन्नति या
नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।
वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से
प्रभावित होंगे। समाज के कार्यों
में उत्साहपूर्वक भागीदारी मिलेगी, जिससे आपका मान-सम्मान
बढ़ेगा।
व्यवसाय: व्यापार में नए अवसर
मिलेंगे। पुराने ग्राहकों से संपर्क बढ़ेगा
और व्यवसाय में विस्तार के
योग हैं।
आर्थिक
स्थिति: आर्थिक रूप से दिन
अच्छा रहेगा। पुराने निवेश से लाभ मिल
सकता है। नया निवेश
सोच-समझकर करें।
पारिवारिक
जीवन: परिवार के साथ समय
बिताएंगे। घर में कोई
शुभ कार्य या उत्सव की
योजना बन सकती है।
स्वास्थ्य: मानसिक रूप से सशक्त
रहेंगे। वाणी पर संयम
रखने की आवश्यकता है,
क्योंकि कठोर वचन किसी
रिश्ते को खराब कर
सकते हैं।
गणेश
जी का टिप्स: अपनी वाणी पर
पूर्ण संयम रखें, इससे
आपकी सफलता सुनिश्चित होगी .
उपाय: माँ ब्रह्मचारिणी को
सफेद पुष्प अर्पित करें और सफेद
मिठाई का भोग लगाएं।
♉ वृष राशि
(Taurus)
दिनांक: 20
अप्रैल से 20 मई तक जन्मे
जातक
आज का दिन आपके
लिए आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ
है। घर-गृहस्थी के
कार्यों में व्यस्तता रहेगी।
आप अपने सामाजिक दायरे
और संपर्कों को बढ़ाने के
प्रयास करेंगे, जो भविष्य में
लाभकारी सिद्ध होंगे .
करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत
की सराहना होगी। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा।
कोई नया प्रोजेक्ट मिल
सकता है।
व्यवसाय: व्यापार में किया गया
नया निवेश आज लाभकारी सिद्ध
होगा। व्यापारिक यात्रा पर जाने की
योजना बन सकती है।
आर्थिक
स्थिति: आर्थिक मामलों में दिन शानदार
है। धन संबंधी कार्य
आसानी से पूरे होंगे।
पुराने बकाया धन की वसूली
हो सकती है। निवेश
के लिए यह दिन
बहुत अच्छा है .
पारिवारिक
जीवन: परिवार के साथ समय
बिताने का अवसर मिलेगा।
मानसिक शांति की तलाश में
आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़ सकते
हैं।
स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से स्वस्थ
रहेंगे। मानसिक तनाव से मुक्ति
मिलेगी।
गणेश
जी का टिप्स: धन का निवेश
(Investment) करें, भविष्य में बेहतरीन लाभ
प्राप्त होगा .
उपाय: माँ ब्रह्मचारिणी को
गुड़ और चने का
भोग लगाएं, आर्थिक संकट दूर होंगे।
♊ मिथुन राशि
(Gemini)
दिनांक: 21
मई से 20 जून तक जन्मे
जातक
आज आप दूसरों की
जीवनशैली से प्रभावित होकर
अपने रहन-सहन में
बदलाव लाने का प्रयास
करेंगे। व्यापारिक स्थिति आशाजनक रहेगी। नए व्यावसायिक प्रयास
लाभकारी सिद्ध होंगे .
करियर: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियाँ
मिलेंगी। अपनी क्षमता से
बेहतर प्रदर्शन करेंगे। वरिष्ठों से प्रशंसा मिलेगी।
व्यवसाय: व्यापार में नए ग्राहक
बनेंगे। व्यावसायिक नवीन गतिविधियां लाभकारी
रहेंगी। साझेदारी में किए गए
कार्य सफल होंगे।
आर्थिक
स्थिति: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। व्यय नियंत्रित रहेगा।
कोई पुराना निवेश लाभ दे सकता
है।
पारिवारिक
जीवन: जीवनसाथी की भावनाओं को
समझें और उन्हें समय
दें। परिवार में खुशहाली रहेगी।
परोपकार करके मानसिक सुख
अर्जित करेंगे .
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। पाचन संबंधी समस्या
हो सकती है, हल्का
भोजन करें।
गणेश
जी का टिप्स: जीवनसाथी (Spouse) के साथ समय
बिताएं और उनकी भावनाओं
का सम्मान करें .
उपाय: माँ ब्रह्मचारिणी को
केले का भोग लगाएं
और उनकी कृपा से
बुद्धि का विकास करें।
♋ कर्क राशि
(Cancer)
दिनांक: 21
जून से 22 जुलाई तक जन्मे जातक
आज के दिन आपको
सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
अपने काम करने के
तरीकों में बदलाव लाएँ।
घर की साज-सज्जा
पर अप्रत्याशित खर्च हो सकता
है .
करियर: कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का
सामना करना पड़ सकता
है। सहकर्मियों से अनबन की
स्थिति न बनाएँ। धैर्य
से काम लें।
व्यवसाय: व्यापार में नई योजनाओं
का प्रारंभ होगा, लेकिन निर्णय लेने में जल्दबाजी
न करें। साझेदारों से सलाह-मशविरा
जरूर करें।
आर्थिक
स्थिति: आज कर्ज लेने
से बचना चाहिए . आर्थिक
लेन-देन में सावधानी
बरतें। कोई बड़ा खर्च
आ सकता है।
पारिवारिक
जीवन: परिवार में किसी मांगलिक
कार्य की योजना बन
सकती है। बच्चों के
भविष्य को लेकर चर्चा
होगी। जीवनसाथी का स्वास्थ्य ध्यान
देने योग्य रहेगा।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव हो सकता
है। ध्यान और योग से
लाभ मिलेगा। पेट संबंधी समस्या
से बचें।
गणेश
जी का टिप्स: आज के दिन
किसी भी प्रकार का
कर्ज (Loan) लेने से सख्त
परहेज करें .
उपाय: माँ ब्रह्मचारिणी को
दूध और चावल का
भोग लगाएं। "ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै
नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
♌ सिंह राशि
(Leo)
दिनांक: 23
जुलाई से 22 अगस्त तक जन्मे जातक
आज का दिन आपके
लिए उपयुक्त है। आप दूसरों
के हित के लिए
सदैव तत्पर रहते हैं, परंतु
आज आपको लोगों से
निराशाजनक व्यवहार मिल सकता है।
इससे विचलित न हों .
करियर: सरकारी कामों में सफलता मिलेगी।
नौकरी में पदोन्नति या
वेतन वृद्धि के योग हैं।
आजीविका में वृद्धि होगी।
यश, मान, प्रतिष्ठा में
वृद्धि के योग हैं .
व्यवसाय: व्यापार में लाभ होगा।
नए बाज़ारों में विस्तार की
योजना बन सकती है।
व्यापारिक यात्रा सफल रहेगी।
आर्थिक
स्थिति: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। पुराने निवेश से लाभ मिल
सकता है। संपत्ति के
मामलों में सफलता मिलेगी।
पारिवारिक
जीवन: परिवार में खुशहाली रहेगी।
पिता से संबंधित कोई
शुभ समाचार मिल सकता है।
संतान सुख में वृद्धि
होगी।
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। ऊर्जा स्तर उच्च रहेगा।
हृदय रोगियों को सावधानी बरतनी
चाहिए।
गणेश
जी का टिप्स: दूसरों से अधिक उम्मीद
न रखें, आपके सरकारी कार्य
आज आसानी से बन जाएंगे .
उपाय: माँ ब्रह्मचारिणी को
लाल पुष्प अर्पित करें और गुड़
का भोग लगाएं।
♍ कन्या राशि
(Virgo)
दिनांक: 23
अगस्त से 22 सितंबर तक जन्मे जातक
आपकी
सूझबूझ और दूरदर्शिता से
आज व्यापार में लाभ होगा।
दोस्तों का सहयोग और
समर्थन मिलेगा। राजनीति में नए संबंध
लाभदायी सिद्ध होंगे .
करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं
के अनुसार कार्य संपन्न होंगे। सहकर्मियों से अच्छा तालमेल
रहेगा। कोई नई जिम्मेदारी
मिल सकती है।
व्यवसाय: व्यापार में नए ग्राहक
बनेंगे। व्यापारिक सौदे सफल रहेंगे।
साझेदारी में किए गए
कार्यों से लाभ मिलेगा।
आर्थिक
स्थिति: आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। निवेश के लिए यह
दिन शुभ है। शेयर
बाजार में निवेश कर
सकते हैं।
पारिवारिक
जीवन: परिवार के साथ समय
बिताएंगे। घर में किसी
धार्मिक अनुष्ठान की योजना बन
सकती है। जीवनसाथी का
सहयोग मिलेगा।
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। पुरानी बीमारियों से आराम मिलेगा।
व्यायाम और योग से
लाभ होगा।
गणेश
जी का टिप्स: अपनी दूरदर्शिता का
उपयोग करें, राजनीति और व्यापार में
नए संपर्क भारी लाभ देंगे .
उपाय: माँ ब्रह्मचारिणी को
हरे रंग के वस्त्र
अर्पित करें और हरी
मिठाई का भोग लगाएं।
♎ तुला राशि
(Libra)
दिनांक: 23
सितंबर से 22 अक्टूबर तक जन्मे जातक
आज क्रोध से बचें। परिवार
में उत्सव का माहौल रहेगा।
व्यापार-व्यवसाय पर ध्यान नहीं
दे रहे हैं, समय
रहते संभल जाएँ। निजी
जीवन में व्यस्तता रहेगी .
करियर: कार्यक्षेत्र में चुनौतियाँ आ
सकती हैं। सहकर्मियों से
मतभेद की स्थिति न
बनाएँ। वरिष्ठों से सलाह लेते
रहें।
व्यवसाय: व्यापार में सतर्कता बरतने
की आवश्यकता है। नए अनुबंध
करते समय दस्तावेज़ अच्छी
तरह पढ़ लें। पुराने
ग्राहकों से संपर्क बनाए
रखें।
आर्थिक
स्थिति: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। अनावश्यक खर्चों से बचें। कोई
बड़ी खरीदारी टालें।
पारिवारिक
जीवन: अपनों पर व्यर्थ में
शंका न करें . परिवार
में खुशी का माहौल
रहेगा। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई
पर ध्यान दें।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव हो सकता
है। पर्याप्त नींद लें। सिरदर्द
की समस्या हो सकती है।
गणेश
जी का टिप्स: अपनों पर अकारण शक
(Doubt) न करें। व्यापार पर ध्यान केंद्रित
करने की सख्त जरूरत
है .
उपाय: माँ ब्रह्मचारिणी को
सफेद मिठाई का भोग लगाएं
और "ऊँ ह्रीं ब्रह्मचारिण्यै
नमः" मंत्र का जाप करें।
♏ वृश्चिक राशि
(Scorpio)
दिनांक: 23
अक्टूबर से 21 नवंबर तक जन्मे जातक
अपने
करियर को लेकर चिंतित
रहेंगे। नए काम में
शीघ्रता न करें। पारिवारिक
जिम्मेदारियों का निर्वाह बखूबी
कर पाएंगे। कार्यस्थल पर कर्मचारियों की
निष्क्रियता के कारण मन
अप्रसन्न रहेगा .
करियर: कार्यक्षेत्र में धैर्य से
काम लें। सहकर्मियों की
निष्क्रियता से निराश होंगे,
लेकिन स्वयं को संयमित रखें।
नई नौकरी के अवसर तलाश
सकते हैं।
व्यवसाय: व्यापार में मुनाफा होगा,
लेकिन साझेदारों से सहमति बनाकर
चलें। नए व्यापारिक अनुबंध
सोच-समझकर करें।
आर्थिक
स्थिति: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। पुराने कर्ज को चुकाने
का प्रयास करें। निवेश में सावधानी बरतें।
पारिवारिक
जीवन: परिवार में सुख-शांति
बनी रहेगी। माता-पिता के
स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
जीवनसाथी से मधुर संबंध
रहेंगे।
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के प्रति सचेत
रहें। पेट संबंधी समस्या
हो सकती है। तला-भुना भोजन कम
करें।
गणेश
जी का टिप्स: जल्दबाजी में कोई नया
कार्य आरम्भ न करें। कार्यस्थल
पर धैर्य से काम लें .
उपाय: माँ ब्रह्मचारिणी को
लाल चंदन और केसर
चढ़ाएं। इससे करियर संबंधी
बाधाएं दूर होंगी।
♐ धनु राशि
(Sagittarius)
दिनांक: 22
नवंबर से 21 दिसंबर तक जन्मे जातक
व्यस्त
रहें मस्त रहें। आप
दूसरों की मदद करने
में सदैव तैयार रहते
हैं। आज खर्च अनावश्यक
रूप से बढ़ेंगे। अपने
दुःख को छुपा रहे
हैं। आज खुशखबरी मिलने
का दिन है .
करियर: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी
मिल सकती है। वरिष्ठों
से प्रशंसा मिलेगी। विदेश से जुड़े कार्यों
में सफलता मिलेगी।
व्यवसाय: व्यापार में विस्तार के
योग हैं। नए उत्पाद
या सेवा की शुरुआत
कर सकते हैं। व्यापारिक
यात्रा पर जाने की
योजना बन सकती है।
आर्थिक
स्थिति: अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें।
कोई अप्रत्याशित लाभ हो सकता
है। पुराना निवेश लाभ देगा।
पारिवारिक
जीवन: परिवार में खुशखबरी मिलेगी।
किसी रिश्तेदार के आगमन से
घर में उत्साह रहेगा।
संतान से शुभ समाचार
मिल सकता है .
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। ऊर्जा स्तर उच्च रहेगा।
यात्रा के दौरान स्वास्थ्य
का ध्यान रखें।
गणेश
जी का टिप्स: अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाएं।
आज कोई बड़ी खुशखबरी
आपका दिन बना देगी .
उपाय: माँ ब्रह्मचारिणी को
पीले पुष्प अर्पित करें और केले
का भोग लगाएं।
♑ मकर राशि
(Capricorn)
दिनांक: 22
दिसंबर से 19 जनवरी तक जन्मे जातक
दूसरों
की बातों पर जल्द विश्वास
कर लेते हैं। आज
आर्थिक योग प्रबल है।
सामाजिक कार्यों से सुयश एवं
प्रभाव में वृद्धि हो
सकेगी। कार्यस्थल पर किसी नई
योजना के बारे में
चर्चा होगी .
करियर: कार्यक्षेत्र में नई योजनाओं
पर काम शुरू होगा।
आपके सुझावों की सराहना होगी।
पदोन्नति के योग हैं।
व्यवसाय: व्यापार में लाभ के
अवसर बनेंगे। सामाजिक कार्यों से व्यापारिक संबंध
मजबूत होंगे। नए ग्राहक बनेंगे।
आर्थिक
स्थिति: आर्थिक लाभ के शानदार
योग हैं . निवेश के लिए दिन
उत्तम है। संपत्ति के
मामलों में सफलता मिलेगी।
पारिवारिक
जीवन: परिवार में खुशहाली रहेगी।
पिता से संबंधित कोई
शुभ समाचार मिल सकता है।
घर में धार्मिक आयोजन
की योजना बन सकती है।
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। जोड़ों के दर्द की
समस्या हो सकती है,
आराम करें।
गणेश
जी का टिप्स: दूसरों की बातों पर
आंख मूंदकर विश्वास न करें। आर्थिक
लाभ के शानदार योग
हैं .
उपाय: माँ ब्रह्मचारिणी को
काले तिल का भोग
लगाएं और शनि मंत्र
का जाप करें।
♒ कुंभ राशि
(Aquarius)
दिनांक: 20
जनवरी से 18 फरवरी तक जन्मे जातक
अपनी
बातों से लोगों को
आकर्षित करेंगे। प्रियजन के साथ समय
का सदुपयोग होगा। वाद-विवाद और
झगड़े से मानसिक कष्ट
बढ़ेगा। बच्चों के व्यवहार से
मन में निराशा होगी .
करियर: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से
मतभेद की स्थिति न
बनाएँ। अपने विचार स्पष्टता
से रखें। वरिष्ठों से वार्ता सोच-समझकर करें।
व्यवसाय: व्यापार में साझेदारों से
अनबन हो सकती है।
कानूनी मामलों में सावधानी बरतें।
नए अनुबंध विशेषज्ञ की सलाह से
करें।
आर्थिक
स्थिति: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। जोखिम भरे निवेश से
बचें। पुराने बकाया धन की वसूली
का प्रयास करें।
पारिवारिक
जीवन: बच्चों के व्यवहार से
निराश होंगे, उन्हें समझाने का प्रयास करें .
जीवनसाथी से मधुर संबंध
रहेंगे।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव हो सकता
है। ध्यान और संगीत से
आराम मिलेगा। सिरदर्द की समस्या हो
सकती है।
गणेश
जी का टिप्स: वाद-विवाद और
झगड़ों से पूरी तरह
दूर रहें, अन्यथा मानसिक तनाव हावी रहेगा .
उपाय: माँ ब्रह्मचारिणी को
नीले पुष्प अर्पित करें और "ॐ
नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।
♓ मीन राशि
(Pisces)
दिनांक: 19
फरवरी से 20 मार्च तक जन्मे जातक
आज चंद्रमा आपकी राशि में
स्थित है, जिससे आपका
मनोबल ऊँचा रहेगा। पारिवारिक
सुख व धन बढ़ेगा।
वाणी पर संयम आवश्यक
है। समाज के कामों
में उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। नौकरी
में पदोन्नति के योग हैं .
करियर: नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन या
वेतन वृद्धि मिल सकती है।
कार्यक्षेत्र में आपके निर्णयों
की सराहना होगी। नए प्रोजेक्ट की
जिम्मेदारी मिलेगी।
व्यवसाय: व्यापार में लाभ के
अवसर बनेंगे। सामाजिक कार्यों में भागीदारी से
व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे। नए ग्राहक बनेंगे।
आर्थिक
स्थिति: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। धन लाभ के
योग हैं। निवेश के
लिए दिन उत्तम है।
पारिवारिक
जीवन: परिवार में खुशहाली रहेगी।
घर में किसी शुभ
कार्य की योजना बन
सकती है। माता-पिता
का आशीर्वाद मिलेगा।
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मानसिक रूप से सशक्त
रहेंगे। वाणी पर संयम
रखें, क्योंकि कठोर वचन किसी
रिश्ते को खराब कर
सकते हैं।
गणेश
जी का टिप्स: सामाजिक कार्यों में आपका रुतबा
बढ़ेगा। नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन मिल
सकता है .
उपाय: माँ ब्रह्मचारिणी को
दूध और चावल का
भोग लगाएं। "ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः"
मंत्र का 108 बार जाप करें।
6. विशेष
जानकारी: आज के दिन के अन्य महत्वपूर्ण पहलू
भगवान
झूलेलाल जयंती
20 मार्च
2026 को भगवान झूलेलाल की जयंती भी मनाई जाएगी .
भगवान झूलेलाल सिंधी समुदाय के इष्टदेव हैं।
उन्हें वरुण देव का
अवतार माना जाता है।
इस दिन सिंधी समुदाय
के लोग चालीहा साहिब
का आयोजन करते हैं और
भगवान झूलेलाल की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
पंचक
20 मार्च
2026 को पंचक भी रहेगा . पंचक
वह समय होता है
जब चंद्रमा कुंभ और मीन
राशि में भ्रमण करता
है। पंचक के दौरान
कुछ कार्य वर्जित माने जाते हैं,
जैसे:
- घर की नींव रखना
- नए वाहन की खरीदारी
- उत्तर दिशा की यात्रा
- शव का दाह-संस्कार (इस दौरान किए गए दाह-संस्कार से परिवार में पाँच मौतें होने की मान्यता है)
हालाँकि,
पंचक में भी कुछ
कार्य शुभ होते हैं,
जैसे धार्मिक अनुष्ठान, जप-तप और
दान-पुण्य।
चंद्रबल
और ताराबल
20 मार्च
2026 को निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रबल
अच्छा रहेगा :
चंद्रबल
(21 मार्च प्रातः 02:27 तक):
- वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और मीन राशि के जातक
चंद्रबल
(21 मार्च प्रातः 02:27 के बाद):
- मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातक
ताराबल
(21 मार्च प्रातः 02:27 तक):
- अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़, श्रवण, शतभिषा और उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में जन्मे जातक
ताराबल
(21 मार्च प्रातः 02:27 के बाद):
- भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़, उत्तराषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में जन्मे जातक
7. नवरात्रि
द्वितीया की पूजा विधि और मंत्र
20 मार्च
2026, नवरात्रि के दूसरे दिन
माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा का
विशेष विधान है। आइए जानते
हैं पूजा की सरल
विधि:
पूजा
सामग्री
- माँ ब्रह्मचारिणी की मूर्ति या चित्र
- सफेद वस्त्र (माँ को सफेद वस्त्र प्रिय हैं)
- सफेद पुष्प (चमेली, मोगरा, सफेद गुलाब)
- रोली, अक्षत, चंदन
- धूप, दीप, नैवेद्य
- मिठाई (खीर या सफेद मिठाई)
- फल (केला, नारियल विशेष रूप से)
- जल का कलश
पूजा
विधि
- प्रातः काल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- माँ ब्रह्मचारिणी के चित्र के सामने एक चौकी पर सफेद वस्त्र बिछाएँ।
- माँ की मूर्ति या चित्र स्थापित करें और उन्हें सफेद पुष्प अर्पित करें।
- रोली, चंदन और अक्षत से माँ का तिलक करें।
- धूप और दीप जलाएँ।
- माँ को खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाएँ।
- निम्न मंत्रों का जाप करें:
माँ
ब्रह्मचारिणी का ध्यान मंत्र:
वन्दे
वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
जपमाला
पुस्तक धारिणीम् ब्रह्मचारिणीम् प्रियाम्।।
पद्मासनाम्
स्थिताम् द्विभुजाम् पद्माक्षीम् ध्यानयोगिनीम्।
श्वेतवस्त्र
परिधानाम् स्वर्णालंकार भूषिताम्।।
वन्दे
वाञ्छितलाभाय ब्रह्मचारिणीम् प्रियाम्।।
माँ
ब्रह्मचारिणी का प्रार्थना मंत्र:
दधाना
करपद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू।
देवी
प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
माँ
ब्रह्मचारिणी का स्तोत्र:
तपश्चारिणी
त्वंहि ब्रह्मचारिणी प्रियम्।
शुभं
दास्यासि देवेशि ब्रह्मचारिणी प्रिये।।
मम सर्वेषु कार्येषु सफलता मे भवेत्।
सर्वसिद्धि
प्रदा देवि ब्रह्मचारिणी नमोऽस्तुते।।
माँ
ब्रह्मचारिणी का कवच:
त्रिपुरा
में हृदयम् पातु ब्रह्मचारिणी सदा।
नित्यानन्दा
नमो नित्यानन्दरूपा प्रपद्ये।।
ब्रह्मचारिणी
सर्वज्ञा सर्वसिद्धिप्रदायिनी।
ब्रह्मचारिणी
नमस्तुभ्यं सर्वकार्यफलप्रदा।।
माँ
ब्रह्मचारिणी की आरती
जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय
सुख दाता।।
ब्रह्मा
जी के मन भाती
हो। ज्ञान सभी को सिखलाती
हो।।
ब्रह्मा
मंत्र है जाप तुम्हारा।
जिसको जपे सकल संसारा।।
जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निर्मल कर
के आता।।
तुम
बिन मंत्र न कोई पावे।
तुम बिन नाम न
कोई ध्यावे।।
सुख
सम्पत्ति दाती हो। कष्ट
विदारण माता हो।।
जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय
सुख दाता।।
माँ
ब्रह्मचारिणी के मंत्र का जाप विधि
- माँ ब्रह्मचारिणी के मंत्र का जाप करते समय माला का प्रयोग करें।
- स्फटिक या सफेद चंदन की माला का प्रयोग श्रेष्ठ रहेगा।
- कम से कम 1 माला (108 बार) मंत्र का जाप अवश्य करें।
- जाप के बाद माँ से क्षमा प्रार्थना करें।
निष्कर्ष
20 मार्च
2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि
से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चैत्र नवरात्रि
का दूसरा दिन, माँ ब्रह्मचारिणी
की उपासना, ब्रह्म योग का शुभ
संयोग, रेवती नक्षत्र और चंद्रमा की
उच्च राशि में स्थिति
- ये सभी कारक इस
दिन को विशेष बना
रहे हैं .
शुक्रवार
का यह दिन जहाँ
एक ओर सुख-समृद्धि
और वैभव का प्रतीक
है, वहीं दूसरी ओर
माँ ब्रह्मचारिणी की कृपा से
तप और संयम की
शक्ति प्रदान करता है। राहुकाल
और वर्ज्य जैसे अशुभ काल
से बचते हुए, अभिजीत
मुहूर्त और ब्रह्म मुहूर्त
जैसे शुभ समय में
किए गए कार्य निश्चित
रूप से सफल होंगे .
सभी
राशियों के जातकों के
लिए इस दिन की
अपनी विशेष संभावनाएँ हैं। मेष, सिंह,
धनु और मीन राशि
के जातकों के लिए करियर
के नए अवसर हैं,
तो वृष, कन्या और
मकर राशि के जातकों
के लिए आर्थिक लाभ
के योग हैं . कर्क,
तुला और कुंभ राशि
के जातकों को सावधानी बरतने
की आवश्यकता है, जबकि मिथुन,
वृश्चिक और कुंभ राशि
के जातकों को धैर्य और
संयम से काम लेना
होगा।
माँ
ब्रह्मचारिणी की कृपा से
साधक को तप, त्याग
और संयम की शक्ति
मिलती है। इस दिन
व्रत रखने और माँ
की विधिवत पूजा करने से
सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। माँ
ब्रह्मचारिणी की आराधना से
साधक के सभी दुःख-दर्द दूर होते
हैं और उसे मोक्ष
की प्राप्ति होती है।
20 मार्च
2026 की शुभ मुहूर्त में माँ ब्रह्मचारिणी की उपासना करें और उनकी असीम कृपा के भागी बनें। जय माँ ब्रह्मचारिणी! 🙏
नोट:
यह लेख विभिन्न ज्योतिषीय स्रोतों और पंचांगों के आधार पर तैयार किया गया है। स्थानीय समय और भौगोलिक स्थिति के अनुसार मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है। अधिक सटीक जानकारी के लिए किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श करें।
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