प्रस्तावना: जगत के नाथ श्री जगन्नाथ श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी, सनातन धर्म के चार प्रमुख धामों में से एक । यह ओडिशा राज्य के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित है। जगन्नाथ शब्द का अर्थ 'जगत के स्वामी' है । यह मंदिर भगवान विष्णु के स्वरूप जगन्नाथ को समर्पित है, जिन्हें स्वयं भगवान श्रीकृष्ण का ही एक रूप माना जाता है । अपनी स्थापना के समय से ही यह मंदिर आस्था, भक्ति और रहस्यों का केंद्र रहा है। इस अद्भुत दिव्य धाम में प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। यह मंदिर न केवल अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इससे जुड़े अनगिनत चमत्कार और रहस्य इसे और भी अद्वितीय बनाते हैं। 🕉️ पौराणिक कथा: मूर्तियों के अधूरे होने का रहस्य मंदिर की मूर्तियों के अधूरे होने के पीछे एक बहुत ही रोचक पौराणिक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि राजा इंद्रद्युम्न को एक रात्रि में स्वप्न आया कि समुद्र के तट पर एक दिव्य दारु ब्रह्म (विशेष लकड़ी) जो आकर गिरेगी, उससे भगवान की मूर्ति बनाई जाए। राजा को भगवान विष्णु ने आदेश दिया कि 'दारु ब्रह्म' को खोजकर उससे अपने प्रिय स्वामी की मूर्ति का निर्माण ...
क्या आत्मा वापस आती है? – पुनर्जन्म का रहस्य हिंदू धर्म की दृष्टि से क्या आपने कभी किसी छोटे बच्चे को ऐसी बातें करते सुना है, जो उसके जीवन से जुड़ी नहीं होतीं? क्या कभी आपको Déjà Vu यानी "पहले भी ये हुआ है" जैसा अहसास हुआ है? हो सकता है ये सब पुनर्जन्म पुनर्जन्म क्या है? हिंदू धर्म के अनुसार, जब कोई जीव मरता है तो उसकी आत्मा नष्ट नहीं होती, बल्कि वह कर्मों शास्त्रों में पुनर्जन्म का उल्लेख भगवद गीता: "जैसे मनुष्य पुराने वस्त्रों को त्यागकर नए वस्त्र धारण करता है, वैसे ही आत्मा पुराने शरीर को छोड़कर नया शरीर धारण करती है।" उपनिषद: आत्मा अजर-अमर है, वह अनेक बार जन्म लेती है जब तक मोक्ष प्राप्त न हो। क्या आत्मा को याद रहता है पिछला जन्म? आमतौर पर आत्मा को नया शरीर मिलते ही पिछली स्मृतियां मिट जाती हैं। लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में, आत्मा की कुछ स्मृतियां बनी रहती हैं – खासकर बच्चों में। ऐसे अनेक केस भारत में पाए गए हैं जिनमें बच्चों ने अपने पिछले जन्म की बातें बताईं और सत्य भी सिद्ध हुईं। पुनर्जन्म क्यों होता है? अधूरे कर्म: जब जीवन में कोई का...