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🌟 3 अप्रैल 2026 का संपूर्ण राशिफल एवं पंचांग | Friday Horoscope & Panchang

  🌟 3 अप्रैल 2026 का संपूर्ण राशिफल एवं पंचांग | Friday Horoscope & Panchang तिथि:  शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 विक्रम संवत:  २०८२ शक संवत:  १९४७ ऋतु:  वसंत अयन:  उत्तरायण 📅 पंचांग – दिन का शुभाशुभ विवरण संक्षिप्त दृश्य:  आज का दिन मेष राशि में सूर्य के साथ प्रारंभ होता है, जो नई शुरुआत के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। चंद्रमा कर्क राशि में संवेदनशीलता और अंतर्ज्ञान को बढ़ाता है। दिन का मुख्य आकर्षण मीन राशि में बुध और कर्क राशि में बृहस्पति के बीच सामंजस्यपूर्ण त्रिकोण (ट्राइन) है, जो संचार, शिक्षा और यात्रा के क्षेत्रों में सफलता का संकेत देता है। 📍 पंचांग सारांश तिथि:  फाल्गुन, कृष्ण पक्ष,  द्वादशी  (प्रातः 08:47 तक, तत्पश्चात त्रयोदशी) नक्षत्र:   श्रवण  (दोपहर 01:56 तक, तत्पश्चात धनिष्ठा) करण:  तैतुल (प्रातः 08:47 तक), तत्पश्चात गर योग:  शुभ (प्रातः 08:29 तक), तत्पश्चात शुक्ल वार:  शुक्रवार (भृगुवार) सूर्योदय:  प्रातः 06:12 (भारतीय मानक समयानुसार) सूर्यास्त:  सायं 06:37 (भारतीय मानक समयानुसार) चंद्रो...

माता जी की प्रसिद्ध भेंट

मेरी दाती रखीं मैनूं चर्णा दे कोल । मेरी दाती तेरे जया कोई न होर। सब थां ठोकरां खा मैं आया । किसे नहीं दाती मैनूं अपनाया। मिली न किधरे वी ठौर-मेरी मैय्या..  सब दे दिलां दी मां तू जाने।  मन लत आये तेरे दर आशा पुजानेबनी क्यों मात कठोर-मेरी मैय्या...... जगत दी वाली तू मां अम्बे ।सब ते कृपा कर जगदम्बे । औगन न साडे टटोल मेरी मैय्या..... मन मन्दिर मां जोत है तेरी । स्वास स्वास जपे जगदम्बे मेरी । मंझधार विच न छोड़-मेरी मैय्या...... मोह ममता दल दल विच फसया । कर्म कोई 'चमन' कर न सकया। पई मां अज तेरी लोड़-मेरी मैय्या... चमन नादान मैय्या दर तेरे आया। सब कुछ छड मोह तेरे नाल पाया। खाली न दर तों मोड़-मेरी मैय्या.....

माता जी की प्रसिद्ध भेंट

मेरी दाती रखीं मैनूं चर्णा दे कोल । मेरी दाती तेरे जया कोई न होर। सब थां ठोकरां खा मैं आया । किसे नहीं दाती मैनूं अपनाया। मिली न किधरे वी ठौर-मेरी मैय्या..  सब दे दिलां दी मां तू जाने।  मन लत आये तेरे दर आशा पुजानेबनी क्यों मात कठोर-मेरी मैय्या...... जगत दी वाली तू मां अम्बे ।सब ते कृपा कर जगदम्बे । औगन न साडे टटोल मेरी मैय्या..... मन मन्दिर मां जोत है तेरी । स्वास स्वास जपे जगदम्बे मेरी । मंझधार विच न छोड़-मेरी मैय्या...... मोह ममता दल दल विच फसया । कर्म कोई 'चमन' कर न सकया। पई मां अज तेरी लोड़-मेरी मैय्या... चमन नादान मैय्या दर तेरे आया। सब कुछ छड मोह तेरे नाल पाया। खाली न दर तों मोड़-मेरी मैय्या.....

नित्य पढ़े : श्री दुर्गा कवच

ऋषि मारकंडे ने पूछा जमी । दया करके ब्रह्मा जी बोले तभी। कि जो गुप्त मन्त्र है संसार में। हैं सब शक्तियां जिसले अधिकार में। हर इक का जो कर सकता उपकार है। जिसे जपने से बेड़ा ही पार है। पवित्र कवच दुर्गा बलशाली का । जो हर काम पूरा करे सवाली का । मैं नव दुर्गा के नाम बतलाता हूँ। कवच की मैं सुन्दर चौपाई बना। सुनो मारकंडे मैं समझाता हूँ। जो अत्यन्त है गुप्त देऊं बता ।

नित्य पढ़े : श्री दुर्गा कवच

ऋषि मारकंडे ने पूछा जमी । दया करके ब्रह्मा जी बोले तभी। कि जो गुप्त मन्त्र है संसार में। हैं सब शक्तियां जिसले अधिकार में। हर इक का जो कर सकता उपकार है। जिसे जपने से बेड़ा ही पार है। पवित्र कवच दुर्गा बलशाली का । जो हर काम पूरा करे सवाली का । मैं नव दुर्गा के नाम बतलाता हूँ। कवच की मैं सुन्दर चौपाई बना। सुनो मारकंडे मैं समझाता हूँ। जो अत्यन्त है गुप्त देऊं बता ।

श्री दुर्गा स्तुति के कौन से अध्याय का पाठ किस लिए करें।

 निष्काम भाव से रोजाना पढ़ने वाले यह पाठ करें, दुर्गा कवच, मंगला स्तोत्र, अर्गला स्तोत्र, कीलक स्तोत्र, काली, चण्डी, लक्ष्मी, संतोषी मां रुक्षेत्र, नम्र प्रार्थना, नवदुर्गा स्तोत्र तथा आरती। हर प्रकार की चिन्ता हटाने के लिए प्रथम अध्याय । हर प्रकार के झगड़े जीतने के लिए दूसरा अध्याय । शत्रु से छुटकारा पाने के लिए तीसरा, भक्ति-शक्ति या भगवती के दर्शन पाने के लिए चौथा व पांचवा अध्याय । डर हम प्रेत छाया आदि हटाने के लिए छटा अध्याय हर कामना पूरी करने के लिए सातवां अध्याय । मिलाप वशीकरण के लिए आठवां गुमशुदा की तलाश, हर प्रकार की कामना पुत्रादि प्राप्त करने के लिए नवम् तथा दसवां अध्याय। व्यापार, सुख सम्पति के लिए ग्यारहवां। भक्ति प्राप्त करने के लिए बाहरवां अध्याय। मान तथा लाभ के लिए तेहरवां अध्याय । सफर जाने से पहले दुर्गा कवच श्रद्धा और शुद्ध भावना से पढ़े। धन दौलत कारोबार के लिए चण्डी स्तोत्र कलह कलेश चिन्ता से बचने के लिए महाकाली लक्ष्मी नव दुर्गा स्तोत्र पढ़िए यदि सारा पाठ न कर सके तो दुर्गा अष्टनाम और नव दुर्गा स्तोत्र पढ़ें। पाठ के समय गंगा जल या कुएं का जल साथ रखें शुद्ध आसन बिछा ...

श्री दुर्गा स्तुति के कौन से अध्याय का पाठ किस लिए करें।

 निष्काम भाव से रोजाना पढ़ने वाले यह पाठ करें, दुर्गा कवच, मंगला स्तोत्र, अर्गला स्तोत्र, कीलक स्तोत्र, काली, चण्डी, लक्ष्मी, संतोषी मां रुक्षेत्र, नम्र प्रार्थना, नवदुर्गा स्तोत्र तथा आरती। हर प्रकार की चिन्ता हटाने के लिए प्रथम अध्याय । हर प्रकार के झगड़े जीतने के लिए दूसरा अध्याय । शत्रु से छुटकारा पाने के लिए तीसरा, भक्ति-शक्ति या भगवती के दर्शन पाने के लिए चौथा व पांचवा अध्याय । डर हम प्रेत छाया आदि हटाने के लिए छटा अध्याय हर कामना पूरी करने के लिए सातवां अध्याय । मिलाप वशीकरण के लिए आठवां गुमशुदा की तलाश, हर प्रकार की कामना पुत्रादि प्राप्त करने के लिए नवम् तथा दसवां अध्याय। व्यापार, सुख सम्पति के लिए ग्यारहवां। भक्ति प्राप्त करने के लिए बाहरवां अध्याय। मान तथा लाभ के लिए तेहरवां अध्याय । सफर जाने से पहले दुर्गा कवच श्रद्धा और शुद्ध भावना से पढ़े। धन दौलत कारोबार के लिए चण्डी स्तोत्र कलह कलेश चिन्ता से बचने के लिए महाकाली लक्ष्मी नव दुर्गा स्तोत्र पढ़िए यदि सारा पाठ न कर सके तो दुर्गा अष्टनाम और नव दुर्गा स्तोत्र पढ़ें। पाठ के समय गंगा जल या कुएं का जल साथ रखें शुद्ध आसन बिछा ...

श्री गणेशाधिपतये नमः

  नमो ब्रातपत्रये नमो गणप ये नमः प्रथमपतये नमोस्तुते।लम्बौदराये कदन्तराय विघ्न विनाशिने शिवसुताय नमोनमः। पूर्वामन्त्र सरस्वती मनुभजे शुम्भादि दैत्य दिनोमः । नदीनां च यथा गंगा देवनाग्न यथा हरिः । शास्त्रात्रेषु यथा गीता तथैय शक्ति रुतमा। अष्टम्मां बुधवारे 'चमन' दुर्गास्तोत्र विर्निमितम। अमृतसरी भवके नेनापि श्री नारायण सुनूनां । सर्वरुपमया देवी सर्वदेवीमया जगत। अतोहं विश्रवरुपां त्वां नमामि परमेश्वराम्

श्री गणेशाधिपतये नमः

  नमो ब्रातपत्रये नमो गणप ये नमः प्रथमपतये नमोस्तुते।लम्बौदराये कदन्तराय विघ्न विनाशिने शिवसुताय नमोनमः। पूर्वामन्त्र सरस्वती मनुभजे शुम्भादि दैत्य दिनोमः । नदीनां च यथा गंगा देवनाग्न यथा हरिः । शास्त्रात्रेषु यथा गीता तथैय शक्ति रुतमा। अष्टम्मां बुधवारे 'चमन' दुर्गास्तोत्र विर्निमितम। अमृतसरी भवके नेनापि श्री नारायण सुनूनां । सर्वरुपमया देवी सर्वदेवीमया जगत। अतोहं विश्रवरुपां त्वां नमामि परमेश्वराम्

understand the Vedas and scriptures

 The Vedas and Granth in India. He is no ordinary. Every problem and problem is solved in the Vedas and the scriptures.  They play an invaluable role in our life. One who understands the Vedas and the texts and acts on the things written in them. He never gets into trouble.  But nowadays people don't even look away when they read their Vedas, they have an attraction towards science.  The new generation does not have any knowledge about the Vedas, nor does anyone explain the Vedas to them. That which is beyond science is found in the scriptures.

understand the Vedas and scriptures

 The Vedas and Granth in India. He is no ordinary. Every problem and problem is solved in the Vedas and the scriptures.  They play an invaluable role in our life. One who understands the Vedas and the texts and acts on the things written in them. He never gets into trouble.  But nowadays people don't even look away when they read their Vedas, they have an attraction towards science.  The new generation does not have any knowledge about the Vedas, nor does anyone explain the Vedas to them. That which is beyond science is found in the scriptures.

वेद और ग्रंथो को समझो

 भारत में जो वेद और ग्रन्थ है। वो कोई आम नहीं है।  वेदो और ग्रंथो में ही हर एक परेशानी और मुस्किलो कल हल है।  ये हमारी जिंदगी में एक अमूल्य किरीदार निभाते है।  जो वेदो और ग्रन्थ को समझ कर उसमे लिखी हुई बातो पर अम्ल करता है। वह कभी किसी संकट नहीं फसता।  परन्तु आज कल लोग अपने वेद ग्रन्थो  पड़ना  तो दूर देखते भी नहीं विज्ञानं की तरफ उनका आकर्सण है।  नई  पीढ़ी को वेद ग्रंथो के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है न ही कोई उनसे वेद ग्रन्थ को समझाता। जो विज्ञान से परे है वो ग्रंथो में मिलता है। 

वेद और ग्रंथो को समझो

 भारत में जो वेद और ग्रन्थ है। वो कोई आम नहीं है।  वेदो और ग्रंथो में ही हर एक परेशानी और मुस्किलो कल हल है।  ये हमारी जिंदगी में एक अमूल्य किरीदार निभाते है।  जो वेदो और ग्रन्थ को समझ कर उसमे लिखी हुई बातो पर अम्ल करता है। वह कभी किसी संकट नहीं फसता।  परन्तु आज कल लोग अपने वेद ग्रन्थो  पड़ना  तो दूर देखते भी नहीं विज्ञानं की तरफ उनका आकर्सण है।  नई  पीढ़ी को वेद ग्रंथो के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है न ही कोई उनसे वेद ग्रन्थ को समझाता। जो विज्ञान से परे है वो ग्रंथो में मिलता है। 

Humble Prayer

Have mercy on me Jag Janani, forgive all the offenses.   Let Sharda Mata Wisdom, Mother Lakshmi, fill the bhandare.   I don't know how to do Aawan Visarjan Puja. Do not recognize what is the mantra of ritualistic devotion.   I have come to you Bhavani Sharan with offenses. I have given you boxes to the ignorant child. Mother, do not pay attention to those who have been revealed secretly. Let me fulfill your hope, Mother.  

Humble Prayer

विनम्र प्रार्थना

  मुझ पर दया करो जग जननी सब अपराध क्षमा कर दो।  शारदा  माता  बुद्धि     दो     मां   लक्ष्मी भंडारे भर दो। आवाहन   विसर्जन पूजा   कुछ  भी  करना    जानू    न। कर्मकांड    भक्ति   के मंत्र क्या है     यह    पहचानो न।  मैं    अपराधों   सहित  भवानी   शरण तुम्हारी आया हूं।  अज्ञानी   बालक   को    बक्सों     दाती तेरा     जाया हूं। प्रगट    गुप्त  जो   गये उन  पर  ध्यान न      धरना  माँ।  पाठ   मै   करू     तुम्हारा   आशा    पूर्ण  करना   माँ।

विनम्र प्रार्थना

  मुझ पर दया करो जग जननी सब अपराध क्षमा कर दो।  शारदा  माता  बुद्धि     दो     मां   लक्ष्मी भंडारे भर दो। आवाहन   विसर्जन पूजा   कुछ  भी  करना    जानू    न। कर्मकांड    भक्ति   के मंत्र क्या है     यह    पहचानो न।  मैं    अपराधों   सहित  भवानी   शरण तुम्हारी आया हूं।  अज्ञानी   बालक   को    बक्सों     दाती तेरा     जाया हूं। प्रगट    गुप्त  जो   गये उन  पर  ध्यान न      धरना  माँ।  पाठ   मै   करू     तुम्हारा   आशा    पूर्ण  करना   माँ।

Whoever has not found anything, has found it in the book

 Today a thought came in my mind, many people want to achieve something big in their life and will do so, for some time their life is stuck from where they started, it seems that time has stopped But it is so. These can be kept for your teaching just as you can keep them for the times to come in your life as you can read. God is always subject to his religion. To prevent from squeezing in the future these Hindi weather two friends.....you will not be successful............................................................................................ …………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………… ………………………………………………………………………………………………………………………………………………………

Whoever has not found anything, has found it in the book

 Today a thought came in my mind, many people want to achieve something big in their life and will do so, for some time their life is stuck from where they started, it seems that time has stopped But it is so. These can be kept for your teaching just as you can keep them for the times to come in your life as you can read. God is always subject to his religion. To prevent from squeezing in the future these Hindi weather two friends.....you will not be successful............................................................................................ …………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………… ………………………………………………………………………………………………………………………………………………………

जिसको कहीं कुछ नहीं मिला उसे ग्रंथ में मिला है

 आज मेरे मन में एक विचार आया काफी सारे कुछ लोग अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा हासिल करना तोह चाहते है और करेंगे भी बस कुछ समय से उन की जिनगी वही अटकी हुई है जहा से उन होने सुरुवात की थी ऐसा लगता है समय रुक गया परन्तु ऐसा नहीं है ये समय आप के सीखे के लिए ठहरा हुआ होता है जिस से की आप को अपनी जिंदगी में आने वाली सारी कठिनाइयों को आसानी से हल कर सको इस सयम को आप सही से उपयोग में ला सकते हो जैसे की आप भगवतगीता को अचे से पद क्र समझ सकते हो ये आप को आप की साडी परेशानियों का निकाय देगी. भगवतगीता ही नहीं आप अपने धर्म के अनुशार अपना धर्म ग्रन्थ पद सकते हो जैसे की जो मुस्लिम है वो कुरान पढ़ सकते है और जो सिख है वो गुरु ग्रन्थ साहिब पढ़ सकते है जो किरिचिन है वो बाइबिल पड़े अपने अपने धरम पड़े इस में ही पूरी सृष्टि का निचोड़ है सिर्फ पड़ा ही नहीं है एक एक वाकय को अचे से समझ न है जिस से की आप उसमे दिए हुए ज्ञानको सही से समझ सको अगर आप ग्रंथो में दिए गए ज्ञान को समझ गए न इस दुनिया में ऐसा कोई नहीं होगा जो आप को कामयाब होने से रोक सके ये ही दिन से जो आप को ये दुनिया हो समझ ने में मदत करते है आप अपने इस समय क...

जिसको कहीं कुछ नहीं मिला उसे ग्रंथ में मिला है

 आज मेरे मन में एक विचार आया काफी सारे कुछ लोग अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा हासिल करना तोह चाहते है और करेंगे भी बस कुछ समय से उन की जिनगी वही अटकी हुई है जहा से उन होने सुरुवात की थी ऐसा लगता है समय रुक गया परन्तु ऐसा नहीं है ये समय आप के सीखे के लिए ठहरा हुआ होता है जिस से की आप को अपनी जिंदगी में आने वाली सारी कठिनाइयों को आसानी से हल कर सको इस सयम को आप सही से उपयोग में ला सकते हो जैसे की आप भगवतगीता को अचे से पद क्र समझ सकते हो ये आप को आप की साडी परेशानियों का निकाय देगी. भगवतगीता ही नहीं आप अपने धर्म के अनुशार अपना धर्म ग्रन्थ पद सकते हो जैसे की जो मुस्लिम है वो कुरान पढ़ सकते है और जो सिख है वो गुरु ग्रन्थ साहिब पढ़ सकते है जो किरिचिन है वो बाइबिल पड़े अपने अपने धरम पड़े इस में ही पूरी सृष्टि का निचोड़ है सिर्फ पड़ा ही नहीं है एक एक वाकय को अचे से समझ न है जिस से की आप उसमे दिए हुए ज्ञानको सही से समझ सको अगर आप ग्रंथो में दिए गए ज्ञान को समझ गए न इस दुनिया में ऐसा कोई नहीं होगा जो आप को कामयाब होने से रोक सके ये ही दिन से जो आप को ये दुनिया हो समझ ने में मदत करते है आप अपने इस समय क...

युग युग अटल श्री गुरु गोबिंद साहिब जी

 सोरठि महला १ ॥ तू प्रभ दाता दानि मति पूरा हम थारे भेखारी जीउ ॥ मै किआ मागउ किछु थिरु न रहाई हरि दीजै नामु पिआरी जीउ ॥१॥ घटि घटि रवि रहिआ बनवारी ॥ जलि थलि महीअलि गुपतो वरतै गुर सबदी देखि निहारी जीउ ॥ रहाउ ॥ मरत पइआल अकासु दिखाइओ गुरि सतिगुरि किरपा धारी जीउ ॥ सो ब्रहमु अजोनी है भी होनी घट भीतरि देखु मुरारी जीउ ॥२॥ जनम मरन कउ इहु जगु बपड़ो इनि दूजै भगति विसारी जीउ ॥ सतिगुरु मिलै त गुरमति पाईऐ साकत बाजी हारी जीउ ॥३॥ सतिगुर बंधन तोड़ि निरारे बहुड़ि न गरभ मझारी जीउ ॥ नानक गिआन रतनु परगासिआ हरि मनि वसिआ निरंकारी जीउ ॥४॥८॥ 🙏🙏🙏🙏🙏 अर्थ: #हे_प्रभू_जी ! तू हमें सब पदार्थ देने वाला है, दातें देने में तू कभी चूकता नहीं, हम तेरे दर के भिखारी हैं। मैं तुझ से कौन सी चीज माँगू ? कोई भी चीज सदा टिकी नहीं रहने वाली। हाँ, तेरा नाम ही है जो सदा स्थिर रहने वाला है। इसलिए #हे_हरी ! मुझे अपना नाम दे, मैं तेरे नाम को प्यार करूँ।१। #परमात्मा हरेक शरीर में व्यापक है। पानी में, धरती में, धरती पर, आकाश में हर जगह मौजूद है पर छुपा हुआ है। #हे_मन ! #गुरू के शबद के माध्यम से उसे देख। रहाउ। #हे_भाई ! जिस मनुष...

युग युग अटल श्री गुरु गोबिंद साहिब जी

 सोरठि महला १ ॥ तू प्रभ दाता दानि मति पूरा हम थारे भेखारी जीउ ॥ मै किआ मागउ किछु थिरु न रहाई हरि दीजै नामु पिआरी जीउ ॥१॥ घटि घटि रवि रहिआ बनवारी ॥ जलि थलि महीअलि गुपतो वरतै गुर सबदी देखि निहारी जीउ ॥ रहाउ ॥ मरत पइआल अकासु दिखाइओ गुरि सतिगुरि किरपा धारी जीउ ॥ सो ब्रहमु अजोनी है भी होनी घट भीतरि देखु मुरारी जीउ ॥२॥ जनम मरन कउ इहु जगु बपड़ो इनि दूजै भगति विसारी जीउ ॥ सतिगुरु मिलै त गुरमति पाईऐ साकत बाजी हारी जीउ ॥३॥ सतिगुर बंधन तोड़ि निरारे बहुड़ि न गरभ मझारी जीउ ॥ नानक गिआन रतनु परगासिआ हरि मनि वसिआ निरंकारी जीउ ॥४॥८॥ 🙏🙏🙏🙏🙏 अर्थ: #हे_प्रभू_जी ! तू हमें सब पदार्थ देने वाला है, दातें देने में तू कभी चूकता नहीं, हम तेरे दर के भिखारी हैं। मैं तुझ से कौन सी चीज माँगू ? कोई भी चीज सदा टिकी नहीं रहने वाली। हाँ, तेरा नाम ही है जो सदा स्थिर रहने वाला है। इसलिए #हे_हरी ! मुझे अपना नाम दे, मैं तेरे नाम को प्यार करूँ।१। #परमात्मा हरेक शरीर में व्यापक है। पानी में, धरती में, धरती पर, आकाश में हर जगह मौजूद है पर छुपा हुआ है। #हे_मन ! #गुरू के शबद के माध्यम से उसे देख। रहाउ। #हे_भाई ! जिस मनुष...

Yug Yug Atal Shri Guru Gobind Sahib Ji

 Soorthi Mahala 1  You are the best giver of charity. Main Kiya Magu Kichu Thiru Na Rahai Hari Dijai Namu Piari Jiu 1॥ Ghati Ghati Ravi Rahia Banwari Jali thali mahiali gupto vartai gur sabdi dekh nihari jiu stay Marat payal akasu show guri satiguri kirpa dhari jiu So brahmu is ajoni too must be seen within, murari jiu 2॥ Janam maran kau ihu jagu bpado ini dujai bhagati visari jiu Satiguru milait gurmati paaye sakat baji haari jiu 3॥ To break satgur bondage, nirare bahudi na garbha majhari jiu Nanak Gian Ratnu Pargasiya Hari Mani Vasiya Nirankari Jiu 4॥8॥    Meaning:  #O_Prabhu_ji! You are the giver of all things to us, you never fail to give your teeth, we are beggars at your rate. What do I ask of you? Nothing is going to last forever.  Yes, it is your name which is everlasting. That's why #O_Hari! Give me your name, I will love your name.1.  #God is pervasive in every body. It is present everywhere in the water, in the earth, on the ...

Yug Yug Atal Shri Guru Gobind Sahib Ji

 Soorthi Mahala 1  You are the best giver of charity. Main Kiya Magu Kichu Thiru Na Rahai Hari Dijai Namu Piari Jiu 1॥ Ghati Ghati Ravi Rahia Banwari Jali thali mahiali gupto vartai gur sabdi dekh nihari jiu stay Marat payal akasu show guri satiguri kirpa dhari jiu So brahmu is ajoni too must be seen within, murari jiu 2॥ Janam maran kau ihu jagu bpado ini dujai bhagati visari jiu Satiguru milait gurmati paaye sakat baji haari jiu 3॥ To break satgur bondage, nirare bahudi na garbha majhari jiu Nanak Gian Ratnu Pargasiya Hari Mani Vasiya Nirankari Jiu 4॥8॥    Meaning:  #O_Prabhu_ji! You are the giver of all things to us, you never fail to give your teeth, we are beggars at your rate. What do I ask of you? Nothing is going to last forever.  Yes, it is your name which is everlasting. That's why #O_Hari! Give me your name, I will love your name.1.  #God is pervasive in every body. It is present everywhere in the water, in the earth, on the ...

Know how many scriptures are there in Sanatan Hindu Dharma

 Sanatan Dharma i.e. Hinduism is the most ancient religion in the world. The special thing in religion is that this religion is completely scientific, our ancient sages did extensive research and wrote many texts. It is believed that the Vedas are the original texts of Hinduism. Apart from this, Hindu religion includes Puranas, Manusmriti, Upanishads and other texts.

Know how many scriptures are there in Sanatan Hindu Dharma

 Sanatan Dharma i.e. Hinduism is the most ancient religion in the world. The special thing in religion is that this religion is completely scientific, our ancient sages did extensive research and wrote many texts. It is believed that the Vedas are the original texts of Hinduism. Apart from this, Hindu religion includes Puranas, Manusmriti, Upanishads and other texts.
If seen, there is no distance between the sky and the earth, looking from afar, it seems that we will touch the sky by going there, but going there and seeing the sky appears again after seeing it, then we think let's go again thinking the sky In order to have the sky but remain near, you will need to forget the sky not the sky jai shree ram
If seen, there is no distance between the sky and the earth, looking from afar, it seems that we will touch the sky by going there, but going there and seeing the sky appears again after seeing it, then we think let's go again thinking the sky In order to have the sky but remain near, you will need to forget the sky not the sky jai shree ram

॥गुरु भजन लिखना वालया नू़ं॥

लिखन वालया नू़ं होके दयाल लिख दे मेरे दिल विच गुरु दा वो प्यार लिख दे 1. सिर उत्ते लिख दे गुरु द्वार झुकना      मेरे नैनो विच गुरु दीदार लिख दे                               मेरे दिल विच............ 2. जीवा उत्तर लिख दे हरि गुण गावां     मेरे ऐंठे उत्ते अपना तु नाम लिख दे                                   मेरे दिल विच............ 3. पैरा उत्ते लिख दे गुरु द्वारे जाना     मेरे हत्ता उत्ते सेवा वाला भाव लिख दे                                      मेरे दिल विच............ 4.इक न लिखि मेरे गुराॅ दा विछोणा    होर तू दुखो दा पहाड़ लिख दे                               मेरे दिल विच............ 5.कागा सब तनख...

॥गुरु भजन लिखना वालया नू़ं॥

लिखन वालया नू़ं होके दयाल लिख दे मेरे दिल विच गुरु दा वो प्यार लिख दे 1. सिर उत्ते लिख दे गुरु द्वार झुकना      मेरे नैनो विच गुरु दीदार लिख दे                               मेरे दिल विच............ 2. जीवा उत्तर लिख दे हरि गुण गावां     मेरे ऐंठे उत्ते अपना तु नाम लिख दे                                   मेरे दिल विच............ 3. पैरा उत्ते लिख दे गुरु द्वारे जाना     मेरे हत्ता उत्ते सेवा वाला भाव लिख दे                                      मेरे दिल विच............ 4.इक न लिखि मेरे गुराॅ दा विछोणा    होर तू दुखो दा पहाड़ लिख दे                               मेरे दिल विच............ 5.कागा सब तनख...

प्रातः काल प्रभु से अरदास

जहां दया वहां धर्म है, जहां झूठ कहां तह पापा। जहां लोग को मरण है, कहां गए तुलसीदास।। दाता के दरबार सभी खड़े हाथ जोड़। देने वाला एक है मंगत लाख-करोड़।। प्रभु इतना धन दीजिए जिसमें कुटुंब समये। मैं भी भूखा ना रहूं साधु न भूखा जाए।। आया है सो जाएगा राजा रंक फकीर। एक सिंहासन चढ़ चले एक दावे चले जंजीर।। दो बातों को याद रखो जो चाहे कल्याण। नारायण एक मौत का तुझ श्री भगवान।। बंसी वाले सावरे दीजौ दर्शन एक बार। चरण-शरण की दीजिए छूटे ना तेरा द्वार। बांकी झांकी श्याम की वजह हृदय के बीच।। जब चाहे दर्शन करूं झटपट हरी मीच।। धन जीवन उड़ जाएगा जैसे उड़त कपूर। मन मूरख गोविंद भज जो चाहे जग दूर सुबह सवेरे जाग के थ्रू प्रभु का ध्यान। भजन करो श्री राम का जब सोए कल्याण। कामी क्रोधी लालची इनसे भक्ति न होय। भक्ति करे कोई सूरमा, जात पात ना होए।। लेने को हरि नाम है देने को अन्नदान। तलने को मत दान का, डूबने को अभिमान।। नारायण संसार में भूतप को भरे अनेक। तेरी- मेरी कर चले लेने गये तिल एक।। आज भी तेरा आसरा, कल भी तेरा आस। पलक पलक तेरा आसरा छोड़ू ना बारहो मास। संजीवनी बूटी नाम की ह्रदय लई प...

प्रातः काल प्रभु से अरदास

जहां दया वहां धर्म है, जहां झूठ कहां तह पापा। जहां लोग को मरण है, कहां गए तुलसीदास।। दाता के दरबार सभी खड़े हाथ जोड़। देने वाला एक है मंगत लाख-करोड़।। प्रभु इतना धन दीजिए जिसमें कुटुंब समये। मैं भी भूखा ना रहूं साधु न भूखा जाए।। आया है सो जाएगा राजा रंक फकीर। एक सिंहासन चढ़ चले एक दावे चले जंजीर।। दो बातों को याद रखो जो चाहे कल्याण। नारायण एक मौत का तुझ श्री भगवान।। बंसी वाले सावरे दीजौ दर्शन एक बार। चरण-शरण की दीजिए छूटे ना तेरा द्वार। बांकी झांकी श्याम की वजह हृदय के बीच।। जब चाहे दर्शन करूं झटपट हरी मीच।। धन जीवन उड़ जाएगा जैसे उड़त कपूर। मन मूरख गोविंद भज जो चाहे जग दूर सुबह सवेरे जाग के थ्रू प्रभु का ध्यान। भजन करो श्री राम का जब सोए कल्याण। कामी क्रोधी लालची इनसे भक्ति न होय। भक्ति करे कोई सूरमा, जात पात ना होए।। लेने को हरि नाम है देने को अन्नदान। तलने को मत दान का, डूबने को अभिमान।। नारायण संसार में भूतप को भरे अनेक। तेरी- मेरी कर चले लेने गये तिल एक।। आज भी तेरा आसरा, कल भी तेरा आस। पलक पलक तेरा आसरा छोड़ू ना बारहो मास। संजीवनी बूटी नाम की ह्रदय लई प...

.. The use of various mantras of Shrimad Bhagavat ..

For crisis relief: Krishna Vaasudeva Hariya Paramatmaan Pranat Chalachshay Govindai Namo Namah For attaining Lakshmi: Early introduction Nandasraj: Sarvumdhadiman Hirenithamatuna: RamaKaDaDambhutripa .. To Get Ahead: Kalyayani Mahamaya Mahayogyayatishwari Nandgopaschatu goddess husband in me For attaining the state: Mother Sharde Namthitha Kashmirpurwasini Daily Prayer routine education in Dnyanesh Desi .. For universal gain: Vijayamabhukta King Shravastadbhiyati Yan .. Burli Tasma Harantyge Rajan: Purna Radha. For God's sake: Hanam Raman Prabhaspati Kawasi-Quasi Mahabhuja Dasayasana can be seen in Kripana, Saitritham ..

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।।श्रीमद् भागवत् के विविध-सिद्ध मंत्रों का प्रयोग।।

संकट निवृत्ति के लिए: कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणतक्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः। लक्ष्मी प्राप्ति के लिये: तत् आरम्भ नन्दस्य बृज: सर्वसमृध्दिमान। हरेनि्वासात्मगुणे: रमार्कीडामभुत्रृप।। वर प्राप्ति के लिये: कल्यायनि. महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नंदगोपसचतं देवी पतिं मे कुरु मे नमः।  विध्या प्राप्ति के लिये: मां शारदे नमस्तुभ्य काश्मीरपुरवासिनी।   चामहं प्रार्थये नित्यं विद्या दान्ण्च देसी में।। ‌सर्वत्र विजय प्राप्ति के लिये: विजयाभीमुखा  राजा श्रत्वैतदभियाति यान्।। बर्लि तस्मै हरन्त्यर्गे राजान: पृथवे राधा। भगवतप्राप्ति के लिये: हानाथ रमण र्पेष्ठ क्वासि  - क्वासि महाभुज। दास्यास्ते कृपणता में सके दर्शय सात्रिधिम्।।

।।श्रीमद् भागवत् के विविध-सिद्ध मंत्रों का प्रयोग।।

संकट निवृत्ति के लिए: कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणतक्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः। लक्ष्मी प्राप्ति के लिये: तत् आरम्भ नन्दस्य बृज: सर्वसमृध्दिमान। हरेनि्वासात्मगुणे: रमार्कीडामभुत्रृप।। वर प्राप्ति के लिये: कल्यायनि. महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नंदगोपसचतं देवी पतिं मे कुरु मे नमः।  विध्या प्राप्ति के लिये: मां शारदे नमस्तुभ्य काश्मीरपुरवासिनी।   चामहं प्रार्थये नित्यं विद्या दान्ण्च देसी में।। ‌सर्वत्र विजय प्राप्ति के लिये: विजयाभीमुखा  राजा श्रत्वैतदभियाति यान्।। बर्लि तस्मै हरन्त्यर्गे राजान: पृथवे राधा। भगवतप्राप्ति के लिये: हानाथ रमण र्पेष्ठ क्वासि  - क्वासि महाभुज। दास्यास्ते कृपणता में सके दर्शय सात्रिधिम्।।
                     Shrimad  Bhagwat Shrimad Bhagwat is the goddess of God himself. Shrimad Bhagwat himself is a proud devotee of Shri Mukesh from Lord Shri. Shrimad Bhagwat is the fifth god. Srimad Bhagwat is the essence of all deities and Upanishads. Srimad Bhagwat Ras is Indus. Shrimad Bhagwat is a set of knowledge, devotion, restlessness. Srimad Bhagwat is paramount from all myths, hence the word has been embellished with the word Tilak. Shrimad Bhagwat is a light-revelation that illuminates the Bhagavata. The book that makes death a Mangalam is Shrimad Bhagwat. True love is Shrimad Bhagwat. Human life is a book containing Bhagvat almighty - Shrimad Bhagwat. Shrimad Bhagwat is a public drinker of intermediate juice distribution. It is a science to give peace to society and revolution in society - Shrimad Bhagwat Shrimad Bhagwat is the science to realize the ultimate truth. The book that frees you from the f...
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                     ।। श्रीमद् भागवत गीता क्या है।‌। श्रीमद् भागवत स्वयं भगवान का वाड् मय स्वरुप है। श्रीमद् भागवत स्वयं भगवान के श्री मुख से नि सृत गृन्थ है। श्रीमद् भागवत पंचम देव है। श्रीमद् भागवत समस्त देवो और उपनिषदों का सार है। श्रीमद् भागवत रस सिंधु है। श्रीमद् भागवत ज्ञान, भक्त्ति,वैराग्य का समुच्चय है। श्रीमद् भागवत सभी पुराणों से सर्वोपरि है इसीलिए श्रीमद् शब्द के तिलक से इसे अलंकृत किया गया है। श्रीमद् भागवत भवगत्व को प्रकाशित करने वाला आलकिक प्रकाश-पुन्ज है। मृत्यु को मंगलम बनाने वाला ग्रंथ है- श्रीमद् भागवत। विशुद्ध प्रेम शास्त्र है-श्रीमद् भागवत। मानव जीवन को भगवत परायण वाला ग्रंथ है-श्रीमद् भागवत। श्रीमद् भागवत आध्यमिक रस वितरण की सार्वजनिक प्याऊ है। व्यक्ति को शांति व समाज को क्रांति देने वाला शास्त्र है-श्रीमद् भागवत। श्रीमद् भागवत परम सत्य की अनुभूति कराने वाला शास्त्र है। काल के भय से मुक्त कराने वाला ग्रंथ है-श्रीमद् भागवत। श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण, मनन एवं चिंतन भक्तिप्रदाता है। मानव जीवन ...
                     ।। श्रीमद् भागवत गीता क्या है।‌। श्रीमद् भागवत स्वयं भगवान का वाड् मय स्वरुप है। श्रीमद् भागवत स्वयं भगवान के श्री मुख से नि सृत गृन्थ है। श्रीमद् भागवत पंचम देव है। श्रीमद् भागवत समस्त देवो और उपनिषदों का सार है। श्रीमद् भागवत रस सिंधु है। श्रीमद् भागवत ज्ञान, भक्त्ति,वैराग्य का समुच्चय है। श्रीमद् भागवत सभी पुराणों से सर्वोपरि है इसीलिए श्रीमद् शब्द के तिलक से इसे अलंकृत किया गया है। श्रीमद् भागवत भवगत्व को प्रकाशित करने वाला आलकिक प्रकाश-पुन्ज है। मृत्यु को मंगलम बनाने वाला ग्रंथ है- श्रीमद् भागवत। विशुद्ध प्रेम शास्त्र है-श्रीमद् भागवत। मानव जीवन को भगवत परायण वाला ग्रंथ है-श्रीमद् भागवत। श्रीमद् भागवत आध्यमिक रस वितरण की सार्वजनिक प्याऊ है। व्यक्ति को शांति व समाज को क्रांति देने वाला शास्त्र है-श्रीमद् भागवत। श्रीमद् भागवत परम सत्य की अनुभूति कराने वाला शास्त्र है। काल के भय से मुक्त कराने वाला ग्रंथ है-श्रीमद् भागवत। श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण, मनन एवं चिंतन भक्तिप्रदाता है। मानव जीवन ...
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BLOG   CONTACT THE GOUT KILLER   MEMBER LOGIN   Home   What Is Gout?   Gout Diet   Products   Blog   Testimonials   About Us Antioxidant Rich Diet Back in the day when I used to get gout attacks and  I was only starting to figure out a good gout diet , I had heard the word “antioxidant” but I really had no idea what it meant. Sounded like some “woo-woo” thing. But, in December of 2008 my wife started buying some antioxidant-rich chocolate and I started eating it. In fact, she bought a lot of it, and I ate a LOT of it!  At the time we were living in Dillon, Colorado — at an elevation over 9000 ft. – and every morning I would wake up with such stiff joints that I needed a hot shower just to get moving. My body felt old, and I just accepted it since I had just e...